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उत्कृष्टता के केन्द्र और जैव प्रौद्योगिकी में नवाचार
centres of excellenceजैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के द्वारा उत्कृष्टता केन्द्र और जैव प्रौद्योगिकी में नवाचार (सीईआईबी) नामक योजना का कार्यान्वियन किया जाता है। इस योजना द्वारा जैव प्रौद्योगिकी के विशिष्टर क्षेत्रों में अंतर विषयक विज्ञान और नवाचार में उत्कृ ष्ट ता को बढ़ावा देने के लिए संस्थाेगत अनुसंधान क्षमता की वृद्धि और सुदृढ़ बनाने के लिए निधिकरण प्रदान किया जाता है। यह कार्यक्रम पर्याप्तल निवेश के साथ संस्थांनों को कार्य करने की वचनबद्धता प्रदान करने, जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के लिए आशियित है। इस कार्यक्रम द्वारा जैव प्रौद्योगिकी में उच्चा नवाचारी अनुसंधान (बुनियादी और ट्रांसलेशनल दोनों प्रकार के) को नम्या दीर्घ अवधि समर्थन प्रदान किया जाता है, जिससे न केवल उच्च् गुणवत्ता के प्रकाशन और बौद्धिक संपत्ति का सृजन होता है, बल्कि मध्यअ और उच्चत नवाचार के माध्येम से ट्रांसलेशनल आउटपुट भी मिलते हैं।

सीईआईबी कार्यक्रम का समग्र लक्ष्य उत्कृवष्टगता केंद्रों की स्थाषपना, असाधारण वैज्ञानिकों को दीर्घ अवधि समर्थन प्रदान करना और संस्थासगत / विभागीय कार्यक्रम समर्थन प्रदान करना है। इसका विशिष्टन लक्ष्यर संस्थाञनों की नवाचारी क्षमता बढ़ाना और अनुसंधान कर्ताओं को जैव प्रौद्योगिकी के विशिष्टद क्षेत्रों में अनुसंधान कार्यक्रम का विकास करने में सहायता देना है।

इस कार्यक्रम के तहत निम्नालिखित तीन श्रेणियों में अनुदान दिया जाता है :

श्रेणी 1 : विशिष्टख विषय वस्तु फोकस के साथ बायोटेक्नोोलॉजी में उत्कृरष्ट्ता केंद्र (सीओई), जो एक या अनेक संस्था नों को शामिल कर सके।

  • उपरोक्तथ द्वारा कृषि, स्वातस्य्ं , ऊर्जा, पर्यावरण, औद्योगिक बायोटेक अनुसंधान आदि के क्षेत्रों में अत्यंकत मूल या बुनियादी से लेकर ट्रांसलेशनल या अनुप्रयुक्तक क्षेत्रों में आंशिक या पूर्ण अनुसंधान और विकास गतिविधियों को समर्थन दिया जाएगा।

श्रेणी 2 : जैव प्रौद्योगिकी में असाधारण वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम
  • यह दीर्घ अवधि तक उच्चर वैज्ञानिक क्षमता वाले एक असाधारण अन्वे षक को अनुसंधान और विकास में सहायता देने के लिए प्रदान की जाती है जिनके उच्चञतम स्तलर के प्रकाशन और / या पेटेंट दर्ज किए गए हैं।
  • यह समर्थन अन्वेदषकों के नवीनतम निष्पातदन और योजना बद्ध भावी कार्य को मान्य ता देने के लिए प्रदान किया जाता है।

श्रेणी 3 : विभिन्नत विषयों के अनेक अन्वेजषकों के साथ चुने गए संस्था नों / विभागों में संस्थाेगत कार्यक्रम समर्थन (एकल संस्था गत कार्यक्रम और बहु संस्था गत कार्यक्रम दोनों)।
  • विश्व विद्यालय या संस्थागत स्तयर पर एक संयुक्त अनुसंधान प्रयास के लिए अलग अलग विषयों के अनेक अन्वेकषकों द्वारा श्रेणीबद्ध अनुसंधान हेतु उनकी क्षमता को सुदृढ़ बनाना, या एक ही विषय के अन्वेिषकों को सहायता देना जिनका फोकस सामान्यण अनुसंधान समस्या पर है। यह समर्थन पीएचडी और पोस्टव डॉक्टषरल कार्यक्रमों के आकार और गुणवत्ता के अनुपात में दिया जाता है।
  • अंतर विषयक अनुसंधान कार्यक्रम और इसके उद्देश्यों को पुन: डिजाइन करने तथा विशिष्ट् दुर्बलताओं को संबोधित करने की क्षमता।

डीबीटी द्वारा बायोटेक्नोयलॉजी के 17 उत्कृ ष्टिता केंद्र स्था्पित किए जा चुके हैं।

ये उत्कृष्टता केंद्र वैज्ञानिक तथा तकनीकी योग्य ता पर आधारित है और इसमें भौगोलिक स्थिति को विचार में नहीं लिया गया है। इन केंद्रों का विशिष्टै लक्ष्यी सुविकसित अनुसंधान कार्यक्रमों के साथ जैव प्रौद्योगिकी के विशिष्ट क्षेत्रों में संस्था्नों और अन्वेगषकों की नवाचारी क्षमता को बढ़ाना है।

इसके अलावा, वर्तमान योजना के तहत 17 दीर्घ अवधि अलग अलग अनुसंधान और विकास परियोजनाओं के साथ कार्यक्रम समर्थन विधि द्वारा 52 प्रस्तारवों का निधिकरण किया गया है।