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चिकित्सीय जैव प्रौद्योगिकी

एक ऐसे जगत में जहां उपयुक्त चिकित्सार सुविधाओं के अभाव में अनेक लोग काल का शिकार हो जाते हैं… या और अधिक स्पष्टता से कहें तो ऐसे देश में जहाँ गरीबी एवं स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों के कारण पुरानी और नई बीमारियाँ तेजी से फैलती हैं इस बात की तत्काथल आवश्यकता है कि चिकित्सा-जैवप्रौद्योगिकी के प्रगति-क्रम में आगे रहा जाए। मानव जीवन को पंगु बना देने या समाप्त कर देने वाली चिकित्सा समस्याएँ विविध प्रकार की हैं और वैसे ही उनके समाधान के प्रक्रम भी हैं।

डीबीटी विभिन्न रोगों से संबंधित अनुसंधान एवं विकास को प्रोन्नत करती है, विशेषकर उनको जो हमारे देश के लिए प्रासंगिक है और प्रमुख रोगों के लिए रोकथाम, उपचार एवं निदान के औजारों के विकास की आवश्यकता पर बल देती है। इसका फोकस मानव जाति की चिकित्सा समस्याओं को हल करने के लिए चिकित्सा प्रौद्योगिकी एवं स्थानांतरणीय अनुसंधान पर है।

इनमें शामिल हैं :

Infectious Diseases संक्रामक रोग, मानव विकास एवं रोग जैविकी
cronic desease (1) दीर्घकालिक रोग-जीवविज्ञान
Vaccines and Diagnostics वैक्सीन और रोग निदान
Human Genetics And Genome Analysis मानव आनुवंशिकी एवं जीनोम विश्लेषण
Stem Cell Research And Regenerative Medicine स्टेम कोशिकाएँ और रिजेनरेटिव औषधि
Biodesign जैव डिजाइन
Bioengineering जैव अभियांत्रिकी

चिकित्सा-जैवप्रौद्योगी एक छत्र-कार्यक्रम जिसमें मानव अस्वस्थता-दर और मृत्यु दर में वृद्धि करने वाली विभिन्न चिकित्सा समस्याओं के समाधान ज्ञात करने के लिए लक्षित क्षेत्रों के एक पूरे परिसर का समावेश होता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानव रोगों को रोकना, उनका जल्द निदान और उनका समाधान (उपचार) ढूँढ़ना है जिससे चिकित्सा समस्या का प्रबंधन हो सके।