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कृषि जैव प्रौद्योगिकी

Agriculture Biotechnology (1)

करोड़ों लोगों का पेट भरने के लिए भारत जैसे देश में कृषि जैव प्रौद्योगिकी एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है, खासकर जलवायु परिवर्तन, कृषि भूमि का अपघटन, मिट्टी की बढ़ती क्षारीयता, भूमिगत पानी के स्तर में गिरावट, सतह के जल स्रोतों का प्रदूषण और अक्सर होने वाले सूखे जैसी समस्याओं से निपटने के लिए इसकी आवश्यकता है।

जीन और जीनोमिक्स की खोज के बाद इन क्षेत्रों में आधुनिक उपलब्धियों से अनेक ऐसे नवीन जीनों की पहचान हो गई है जो जैविक/अजैविक तनाव की समस्याओं को सुलझाने, फसल उत्पादकता में वृद्धि और पोषकीय गुणवत्ता में सुधार हेतु उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध कराते हैं।

इन आधुनिक वैज्ञानिक विधियों से प्रभावशाली आणविक प्रजनन के द्वारा संभावित फसल सुधार के लिए पूर्व प्रजनन जर्मप्लाज्म संवर्धन में सुविधा मिल सकती है। मूलभूत अनुसंधान, जीनोम सिक्वेंसिंग उपयोगी जीनों की पहचान हेतु जीनोमिक अध्ययन के साथ क्यूटीएलएस और इनकी क्रिया की वैधता; विभिन्न अजैविक एवं जैविक तनावों से निपटने के लिए मार्कर समर्थित चयन के माध्यम से ट्रांसजेनिक फसलों का विकास, फसलों में सुधार तथा गुणवत्ता कारक विभाग के कृषि जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं।

प्रमुख रूप से जारी कार्यक्रम :
  • गेहूं जीनोम सिक्वेंसिंग कार्यक्रम
  • चावल क्रियात्मक जीनोमिक्स
  • फसल जैव संपुष्टिकरण एवं गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय पादप जीन रिपोजिटरी, एनआईपीजीआर, नई दिल्ली
  • चने की दाल के जीनोमिक्स पर अगली पीढ़ी की चुनौती विषयक कार्यक्रम
  • नेटवर्क परियाजना क्यूटीएल से किस्म सूखा, बाढ़ और लवण सहनीयता हेतु मुख्य क्यूटीएलएस सहित चावल की मार्कर समर्थित प्रजनन
  • चावल के क्रियात्मक जीनोमिक्स के लिए अपलैंड किस्म नगीना-22 के ईएमएस उत्प्रेएरित म्यूटेंट के मूल का निकास एवं पोषण, अंकुरण, पहचान और प्रयोग
  • एक्टिवेशन टैगिंग, मेटाबोलिक इंजीनियरिंग कार्यक्रम के द्वारा चावल में संवर्धित पानी के प्रयोग की क्षमता हेतु प्रत्याशशी जीनों की पहचान
  • राज्य कृषि विश्वविद्यालयों हेतु चार कार्यक्रम सहायता
  • चावल, गेहूं, चना, दाल, सोयाबीन, कपास, सरसों और मक्का की उच्च उपज वाली नस्लों में महत्वपूर्ण कारक उत्पन्न करने के लिए संवर्धित फसल सुधार कार्यक्रम

इसके अलावा पिछले 3 से 5 वर्ष़ों के दौरान लगभग 300 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को विभाग द्वारा सहायता दी गई है। अनेक अनुसंधान संबंधी उपलब्धियां हासिल की गई और इन्हें आगे ले जाया जा रहा है।

Major Successes प्रमुख सफलताएं : 11 वीं योजना अवधि के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां
New Initiatives नई पहल
rice भंडारण के दौरान चावल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनआईपीजीआर का अध्ययन मदद कर सकता है

 

कार्य दल/समिति
Plant Biology

Basic research has been a major thrust area under Plant Biotechnology with special emphasis on signal transduction, root and floral differentiation, host pathogen interaction etc. Application of genomic tools to study both structural and functional genomics under the Solanaceae Genome Initiative. Thrust has also been on forestry, horticulture and plantation crops, fruits & vegetables including application of tissue culture for regeneration of high quality economically important plant species, their field demonstration, and validation of proven technology; germplasm characterization and their improvement of crops through molecular biology tools. Focus is also on major horticulture crops including apple with focus on, 1) Creating A genomics platform for Apple research in India and 2) Improvement of Apple through biotechnological interventions.

Studies are also supported on Forestry network focussing on Genetic improvement of Eucalyptus through mapping and tagging of QTL genes for two industrially important traits like adventious rooting capacity and wood property.

Under saffron network focus is on developing a tissue culture protocol for corm production of desired size, develop in vitro microplants for cormlet production and develop complete agro technology for use of cormlets of small size; characterization of microflora of rhizosphere associated with Saffron crop to develop consortia of beneficial microbes; for genetic improvement of Saffron and functional genomics approaches in understanding the regulation of synthesis and accumulation of appocarotenoids.

The proposals are accepted round the year through epromise online portal of the department and are considered by the task force usually held twice a year around June July and Dec-Jan

संपर्क के लिए पता :
अनुभागीय प्रमुख
डॉ. के.एम. चरक
वैज्ञानिक ‘जी’/सलाहकार
दूरभाष : 011-24369614
ई-मेल : charak[dot]dbt[at]nic[dot]in

कार्यक्रम अधिकारी
डॉ. ओंकार एन. तिवारी
वैज्ञानिक ‘डी’/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी-1
दूरभाष : 011-49166740
ई-मेल : onkar[dot]dbt[at]nic[dot]in