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चर्चा मंच

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डीबीटी आपको देश में जैव विज्ञान और जैव अभियांत्रिकी में मानव संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए संगठन के प्रयासों का प्रभाव बढ़ाने हेतु अपने विचार प्रकट करने का आमंत्रण देता है।

परिचय
बायोटेक्नोालॉजी विभाग अपने अस्तित्वय के 30 वर्ष पूरे कर चुका है। हम इस अवसर पर अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर जनता को शामिल होने का आमंत्रण देते हैं। हर माह हम एक विषय चुनेंगे और आपके साथ अपने चर्चा मंच में जुड़ने का प्रयास करेंगे, इसमें आपको उस क्षेत्र के बारे में हमारे प्रयासों की जानकारी दी जाएगी और इसमें सुधार तथा आपको बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए आपके सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।

इस मंच के उपयोग को बेहतर रूप से समझने से इसका उपयोग अधिक प्रभावी रूप से करने में मदद मिल सकती है। इसे पूरा करने के लिए हम इस मंच के बुनियादी प्रयोजन बताना चाहेंगे।

बुनियादी प्रयोजन

  • जनता तक पहुंच के लिए बनाए गए इससे एक अंत: क्रियात्मेक रूप में सूचना के आदान प्रदान और साझा करने में सहायता मिलेगी।
  • जनता के एक बड़े वर्ग से नए विचार, नवाचारी सुझाव और राय आमंत्रित हैं
  • यह मंच खुली चर्चा के लिए है और इसे व्यकक्तिगत समस्यााओं, मामलों और शिकायतों को सुलझाने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है।
  • इस मंच पर सरोकारों को उठाने से समस्या पर तुरंत ध्यायन नहीं दिया जाएगा, किंतु इसे भावी कार्रवाई के लिए दर्ज किया जाएगा।
  • प्रथम संलग्नता – उत्कृष्ट्ता को पोषण देने के लिए डीबीटी के मानव संसाधन विकास अवसर

डीबीटी ने यह बहुत जल्दी समझ लिया कि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सार्थक अनुसंधान और विकास, अध्यावपन और उत्पाेदन गतिविधियों में सफलता पाने के लिए गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षित जनशक्ति महत्व रखती है। इस लक्ष्यप को ध्यागन में रखते हुए विभाग स्कूुल स्तणर से लेकर स्ना्तक, स्ना्तकोत्तर, डॉक्टNरल और पोस्ट डॉक्टIरल स्तषर तक अलग अलग स्तारों में उत्कृ ‍ष्टरता को पोषण प्रदान करता है। ”स्टानर कॉलेज कार्यक्रम” से व्यापवहारिक जानकारी, जाने माने वैज्ञानिकों से संपर्क के अवसर, छोटी अनुसंधान परियोजनाओं के रूप में स्ना्तक विज्ञान छात्रों को अनुसंधान का अनुभव और संकाय सुधार कार्यक्रम चलाए जाते हैं। डीबीटी द्वारा देश के 71 अग्रणी विश्वो विद्यालयों / संस्थारनों में स्नाेतकोत्तर अध्यादपन कार्यक्रम को समर्थन दिया जाता है। डीबीटी द्वारा पुरस्का रों और अध्येभतावृत्तियों के माध्यमम से हमारे वैज्ञानिकों के असाधारण योगदान को मान्यथता दी जाती है तथा विदेशों में कार्यरत भारतीय वैज्ञानिकों को स्वमदेश वापस आने का प्रोत्साोहन देने के लिए अध्येथतावृत्ति प्रदान की जाती है। पूरे वर्ष ये प्रयास देश में विशेष जैव विज्ञान मानव संसाधन के पर्याप्तअ परिणाम दर्शाने में सार्थक रहे हैं। हम चाहेंगे कि आप इस प्रभाव को बढ़ाने के लिए डीबीटी के दल के प्रयासों का हिस्सा बनें।