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खाद्य और पोषण

जीवन शैली के कारण विभिन्न बीमारियों के उत्पएन्नय होने के साथ ही बाजार में आम तौर पर जो सभी प्रकार के उत्पाद मौजूद हैं वे अस्वास्य्रियकर हैं या इनके आनुवंशिक संशोधन के तत्व भारतीय स्वास्थ्य की स्थिति के लिए अनुकूल नहीं हैं और यह चिंता का एक स्रोत बन गया है।

देश में पाई जाने वाली कुछ बीमारियों जैसे एनीमिया, दस्त आदि, जो स्थातनिक हैं, इनके लिए भोजन और पोषण अनुसंधान के साथ ही उत्पाद विकास पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है।

इन वर्षों में, जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने इस मोर्चे में एक बहुआयामी मजबूत कार्यक्रम विकसित किया है।

इस कार्यक्रम के तहत कवर किए गए प्रमुख क्षेत्र हैं

  • बायोटेक हस्ताक्षेपों का उपयोग करते हुए खाद्य प्रसंस्करण
  • पोषण जीवविज्ञान
  • नैदानिक साक्ष्यों के उत्पादन के साथ पौष्टिक आहार के विकास के माध्यम से सूक्ष्म और स्थूल पोषक तत्वों की कमी को संबोधित करना।
  • स्वास्थ्य देखभाल उत्पाद / न्यूट्रास्यूटिकल्स / आहार खाद्य पूरक
  • समग्र स्वास्थ्य के लिए प्रोबायोटिक्स
  • सेलियाक रोगों को संबोधित करना
  • विटामिन बी 12 की कमी को संबोधित करना
  • न्यूमट्रीएपिजेनेटिक्स
  • कटाई पश्चात प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन
  • खाद्य सुरक्षा और एलर्जेनिसिटी
  • जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों आदि का शेल्फ जीवन विस्तार


खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में क्षमता निर्माण

उपलब्धियां

Task Force Committee of “Public Health including Food & Nutritional Interventions”

संपर्क

कार्यक्रम प्रमुख

डॉ. ए वामसी कृष्णा, वैज्ञानिक-सी,
खाद्य एवं पोषण प्रभाग,
जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय,
सीजीओ कॉम्प्लेक्स, ब्लॉक -2,
लोधी रोड, नई दिल्ली, भारत-110003
ई मेल : vk[dot]addanki[at]nic[dot]in
फोन : 011-24363725