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डॉ. रेणु स्वरूप को राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार 2017 प्रदान किया गया

रेपिड फायर:

  • डॉ. रेणु स्वरूप, वरिष्ठ सलाहकार डीबीटी को मेंटर (सरकार) श्रेणी के तहत राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार, 2017 से सम्मानित किया गया।
  • वे एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, बाइरैक की प्रबंध निदेशक भी हैं।
  • उद्योग शैक्षिक साझेदारी के माध्यम से, उन्होंने नवाचार अनुसंधान एवं उत्पाद विकास के लिए 1000 से अधिक स्टार्टअप और उद्यमियों और लगभग 500 छोटी कंपनियों का समर्थन किया।
  • स्टार्ट-अप और एसएमई पर फोकस के साथ बाइरैक, भारत सरकार द्वारा बायोटेक एंटरप्राइज़ में नवाचार अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निगमित किया गया।
  • केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार समारोह, 2017 में पुरस्कार प्रदान किए
  • डॉ. रेणु स्वरूप, जैव-प्रौद्योगिकी विभाग में वरिष्ठ सलाहकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मान्यगता ट्रैक में मेंटर (सरकार) में मेंटर श्रेणी 2017 के तहत राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार समारोह, 2017 में ये पुरस्कार प्रदान किए।

डॉ. रेणु स्वरूप, जैव-प्रौद्योगिकी विभाग में वरिष्ठ सलाहकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मान्यगता ट्रैक में मेंटर (सरकार) में मेंटर श्रेणी 2017 के तहत राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार समारोह, 2017 में ये पुरस्कार प्रदान किए।
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वे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईएआरएसी) की प्रबंध निदेशक भी हैं। भारत सरकार द्वारा बाइरेक को स्टार्ट अप और एसएमई पर विशेष ध्यान देने के साथ बायोटेक उद्यम में नवाचार अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निगमित किया गया था। जैव प्रौद्योगिकी ट्रांसलेशनलके माध्यम अनुसंधान और उद्योग अकादमी भागीदारी से उन्होंने 1000 से अधिक स्टार्ट-अप्स और उद्यमों और लगभग 500 छोटी कंपनियों को नवाचार अनुसंधान और उत्पाद विकास के लिए समर्थन दिया है। DOLvk7BW4AAFBUR

जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में पीएच डी, डॉ. रेणु स्वरूप ने कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप के तहत जॉन इनेंस सेंटर, नॉर्विच यूके में अपना पोस्ट डॉक्टरेट कार्य किया और 1989 में, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में विज्ञान प्रबंधक की नियुक्ति के लिए भारत लौट आईं। विज्ञान प्रबंधक के रूप में, नीति नियोजन और कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दे उनके कार्य का एक हिस्सा हैं। वे 2001 में सक्रिय रूप से बायोटेक्नोलॉजी विजन, विशेषज्ञ समिति के सदस्य सचिव के रूप में राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास कार्यनीति और कार्यनीति II, 2015-2020 तैयार करने में व्यस्त थीं।

नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज इंडिया (एनएसआई) की सदस्य, वे राष्ट्रीय संस्थानों, विश्वविद्यालयों और केंद्रों के शासी निकाय की सदस्य भी हैं। उन्हें 2012 में “बायो-स्पेक्ट्रम पर्सन ऑफ़ द इयर अवार्ड” से सम्मानित किया गया था।